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बुआई के
पूर्व पंक्ति दूरी ( 20 से.मी. और अधिकतम बीज दर ( 125
कि.ग्रा/हे और आक्साडाईज़ोन 1 कि. ग्रा. सू्र्यीकरण हल्की
सिंचाई के बाद खेत को पोलीथीन से ढंकते है जिससे पानी
वाष्प बनकर खरपतबार खत्म करता है।
कीट प्रंबधन :-
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गर्मी
के मौसम में गहरी जुताई करें।
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प्रतिरोधक किस्मों का उपयोग करना चाहिए।
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मानसून
के पहले बोनी न करें।
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नाईट्रोजनित उर्वरकों का उपयोग उपयुक्त मात्रा में करें।
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पोटाश
उर्वरकों का उपयोग निश्चित होना चाहिए।
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खरपतबार
उखाड़कर नष्ट कर देना चाहिए।
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जैविक
नियंत्रण के लिए मकड़ी, छिपकली, मकोड़े, चिड्डे, आदि का बचाव
करना चाहिए।
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सोयाबीन
को अरहर या मक्का या ज्वार के साथ 4:2 मे अन्तरवर्तीय फसलों
के रूप में उगाना चाहिए।
रोग प्रंबधन :-
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प्रतिरोधित किस्मों का उपयोग करना चाहिए।
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रोग
रहित बीजों का उपयोग करना चाहिए।
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सोयाबीन के बाद या पहले रोग संवेदी फसलों को नहीं लगाना
चाहिए।
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जुताई
के समय फसल के अवशेषों को पूरी तरह हटाना चाहिए।
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पत्तों
के गीले होने पर खेत में सस्य कार्य नहीं करना चाहिए।
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पिछले
साल के रोग ग्रसित ठूँठों को नष्ट करना चाहिए।
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