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संदेश |
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प्रिय
किसान बन्धुओं, |
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माननीय मुख्यमंत्रीजी की स्पष्ट धारणा
है कि किसान हमारा अन्नदाता है एवं प्रदेश की समृध्दि एवं विकास के लिये
कृषकों को समृध्द एवं उन्नत किया जाना अति आवश्यक है। किसानों की
समृध्दि और विकास के लिए खेती को लाभकारी बनाने के लिए हमारी सरकार कृत
संकल्पित है।
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खेती
को लाभकारी बनाने के लिए यह आवश्यक है कि गांव में उपलब्ध संसाधनों
का उचित तरीके से दोहन कर भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ाई जाये, जिससे
किसान कम लागत में, उत्तम गुणवत्ता का अधिक से अधिक उत्पादन
प्राप्त कर सकें। इसके लिये हमें जैविक खेती पर ध्यान दिये जाने की
जरूरत है, जो न सिर्फ लागत को कम करती है, बल्कि जमीन की उर्वरा
शक्ति और पर्यावरण की रक्षा करती है। |
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रसायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक एवं गैर जरूरी उपयोग के
दुष्परिणामों के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु सघन प्रचार-प्रसार किया जाना
आवश्यक है। प्रदेश की जैविक कृषि नीति तैयार की जा चुकी है जो शीघ्र ही
मंत्रि-परिषद् में अनुमोदन हेतु लायी जा रही है।
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| प्रदेश
सरकार किसानों के कल्याण तथा कृषि के विकास के लिये सतत् प्रयास कर रही
है। सिंचाई जल की उपलब्धता की सीमितता को ध्यान में रखते हुये खेती को
लाभकारी बनाने के लिए फसलों की सिंचाई के वैज्ञानिक एवं आधुनिक तरीके
अपनाये जाने की जरूरत है। मृदा तथा जल संरक्षण के लिये सरकार द्वारा
प्रभावी कदम उठाये जा रहे है। बलराम ताल योजना, नलकूप योजना के साथ-साथ
विभिन्न योजनाओं के तहत सरकार सिंचाई साधनों एवं उपकरणों को किसानों को
कम दाम पर शासकीय सहायता के साथ उपलब्ध करवाने का हर संभव प्रयास कर रही
है। |
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भूमि
सुधार के लिये प्रदेश सरकार द्वारा हलधर योजना प्रारंभ की जा चुकी
है, जिससे किसान अपनी अनुपयोगी भूमि को खेती योग्य बना पायेंगें तथा
इस योजना से कृषि के कुल उत्पादन क्षेत्र में वृध्दि होगी। इसी
प्रकार कृषक हितैषी अनेक निर्णय जैसे फसल ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज दर,
गेहूँ एवं धान की खरीदी पर बोनस, कृषकों के खाते में अनुदान राशि
का सीधे भुगतान, मिक्चर उर्वरकों पर प्रतिबंध, कपास बीज की दर पर
नियंत्रण, बैल चलित एवं हस्त चलित कृषि यंत्रों को
प्रोत्साहन,स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई पर टापअप अनुदान तथा गेहूँ
एवं मक्का के क्षेत्र में अनुसंधान हेतु अन्तर्राष्ट्रीय अनुसंधान
केन्द्र की स्थापना आदि भी प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों एवं कृषि की
बेहतरी हेतु लिये जा रहे है। |
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सरकार
की आगामी योजनाओं में प्रदेश के प्रत्येक कृषकों को उनके खेत की
मिट्टी का परीक्षण कर मृदा स्वास्थ्य कार्ड (Soil Health Card)
उपलब्ध कराना, प्रदेश के कृषकों को उनकी आवश्यकताओं को दृष्टिगत
रखते हुये ट्रेक्टरों से चलने वाले कृषि यंत्रों के साथ बैल एवं
हस्त चलित कृषि यंत्रों को भी समन्वित रूप से बढ़ावा देना, प्रदेश
में दलहन एवं तिलहन की उत्पादकता को बढ़ाने के लिए ट्रेक्टर एवं
नवीन कृषि यंत्रों की 250 यूनिटें विभिन्न जिलों में कस्टम हायरिंग
के लिए स्थापित करना तथा प्रदेश के जैविक कृषि करने वाले कृषकों को
प्रदेश की जैविक प्रमाणीकरण संस्था से सस्ती तथा सुलभ प्रमाणीकरण
की सुविधा प्राप्त हो सकें, इस हेतु संस्था को भारत सरकार के
अन्तर्गत ''एपीडा'' से मान्यता दिलाने के प्रयास किये जा रहे है। |
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| मुझे
पूर्ण विश्वास हैं कि प्रदेश को समृध्द और प्रगति के पथ पर लाने मंं आप
सब किसान बन्धु अपना सक्रिय योगदान देंगें। |
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शुभक ामनाओं सहित
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डॉ. र ामकृष्ण
कुसमरिया |
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मंत्री |
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किसान क ल्याण तथा कृ
षि विकास |
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मध्यप्रदेश शासन
भोपाल |
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